Box Office पर ‘हनुमान अंश’ का चमत्कार! फ्लॉप होते-होते ब्लॉकबस्टर बनी Neem Karoli Baba की बायोपिक

by Jaap Pro

हनुमान अंश ने कैसे रचा इतिहास?

Hanuman Ansh ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धीमी शुरुआत के बाद ऐसा कमबैक किया है, जिसने दर्शकों और ट्रेड एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 31 जुलाई 2026 को हनुमान अंश को बड़े पर्दे पर रिलीज किया गया। शुरुआत में इसे लिमिटेड स्क्रीन मिले। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की इस मूवी को पहले दो सप्ताह तक कम आंका गया। लेकिन असली खेल तीसरे वीक में शुरू हुआ, जब हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लाखों से सीधा करोड़ों में जा पहुंचा।

Hanuman Ansh पर बरसी ‘बजरंग बली’ की कृपा, मंगलवार को खेला कमाई का जबरदस्त दंगल

Hanuman Ansh ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास और रिलीज के 26वें दिन कमाई के समीकरण पूरी तरह बदल दिए। मंगलवार को हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर असली कमाल दिखाया और फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।

मंगलवार को हनुमान अंश ने बदला कमाई का समीकरण

रिलीज के पहले दो सप्ताह में महज 1 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली हनुमान अंश ने कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमबैक करके दिखाया है। तीसरे हफ्ते से इस फिल्म ने बिजनेस के मामले में जो पासा पलटा है, वह वीकडे में भी जारी है।

सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, रिलीज के 26वें दिन हनुमान अंश के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में 54 प्रतिशत से अधिक का इजाफा देखा गया है।

ट्रेंड एनालिस्ट तरण आदर्श के ट्वीट के अनुसार, हनुमान अंश ने हफ्ते दर हफ्ते कमाई के मामले में इस तरह से बॉक्स ऑफिस पर पासा पलटा:

पहला सप्ताह: 89 लाख रुपये

दूसरा सप्ताह: 46 लाख रुपये

तीसरा सप्ताह: 9.96 करोड़ रुपये

चौथा वीकेंड: 28.52 करोड़ रुपये

इतना ही नहीं, हनुमान अंश के लिए रिलीज के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी शानदार हुई है। मूवी ने रिलीज के 25वें दिन यानी चौथे सोमवार को भी 5 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है, जिसकी वजह से इस मूवी का नेट कलेक्शन 46 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। इस तरह बाबा नीम करौरी की ये बायोपिक फिल्म फ्लॉप होते-होते इस साल की स्लीपर हिट ब्लॉकबस्टर बन गई है।

Hanuman Ansh फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

मुनाफे के मामले में अव्वल निकली हनुमान अंश

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हनुमान अंश का बजट 2 करोड़ रुपये है और इसने अब तक 46 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है। इस लिहाज से हनुमान अंश ने अपनी लागत से 23 गुना अधिक कमाई करके इतिहास रचा है।

‘हनुमान अंश’ ने ‘टॉक्सिक’ को दी टक्कर

ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, ‘हनुमान अंश’ ने 26वें दिन 8.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है, जो यश की ‘टॉक्सिक’ से ज्यादा है। यश की ‘टॉक्सिक’ की कमाई में भी 7वें दिन सोमवार की तुलना में उछाल दर्ज किया गया, मगर फिल्म का कलेक्शन ‘हनुमान अंश’ के सामने कम ही रहा। इस फिल्म ने मंगलवार को 8.20 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।

‘हनुमान अंश’ की बात करें तो फिल्म ने 25वें दिन यानी बीते सोमवार को 5.50 करोड़ रुपये कमाए थे, लेकिन 26वें दिन 8.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। यानी एक दिन में कमाई में करीब 54.55 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

‘हनुमान अंश’ का टोटल कलेक्शन

सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 26 दिनों में 54.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है और फिल्म का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 63.82 करोड़ रुपये है।

बता दें, फिल्म ने पहले हफ्ते में मात्र 1.08 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था और दूसरे हफ्ते तो 40 लाख रुपये तक ही कमा सकी। लेकिन जैसे ही फिल्म ने तीसरे हफ्ते में एंट्री ली, कमाई में बंपर उछाल देखने को मिला।

फिल्म ने तीसरे हफ्ते 10.40 करोड़ रुपये जुटाए और चौथे हफ्ते में कमाई ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि अब ये सुपरस्टार यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक’ को टक्कर दे रही है।

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टॉक्सिक का कलेक्शन

‘टॉक्सिक’ की बात करें तो बड़े बजट में बनी ये एक्शन-थ्रिलर 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर 101 करोड़ रुपये से ज्यादा के कलेक्शन के साथ ओपनिंग की। मगर दूसरे ही दिन फिल्म की कमाई में बड़ी गिरावट देखने को मिली।

दूसरे दिन फिल्म ने 37.65 करोड़ रुपये, तीसरे दिन 27.20 करोड़ रुपये, चौथे दिन 25.15 करोड़ रुपये, पांचवें दिन 23 करोड़ रुपये और छठे दिन 7.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

वहीं सातवें दिन के 8.20 करोड़ रुपये के कलेक्शन के साथ अब तक ये फिल्म भारत में 229.95 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन और 272.80 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी है। वहीं विदेशों में ये 40 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुकी है और इसी के साथ ‘टॉक्सिक’ का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 313.55 करोड़ रुपये हो चुका है।

‘हनुमान अंश’ पर बरसी बजरंगबली की कृपा, 26वें दिन मारी बड़ी छलांग, यश की ‘टॉक्सिक’ को दी टक्कर

आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा की कहानी दिखाती फिल्म ‘हनुमान अंश’ अब दिन पर दिन बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार पकड़ती जा रही है। इसने बॉक्स ऑफिस पर 2600% मुनाफा कमा लिया है और अब यश की ‘टॉक्सिक’ को भी टक्कर देती दिख रही है।

Hanuman Ansh फिल्म और नीम करोली बाबा

आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों काफी सुर्खियों में है। शुरुआत में जिस फिल्म की कमाई लाखों में थी, अब करोड़ों में कमा रही है। रिलीज के बाद ट्रेड एक्सपर्ट्स का अंदेशा था कि जल्दी ही फिल्म सिनेमाघरों से गायब हो जाएगी, लेकिन वर्ड ऑफ माउथ के चलते 26वां दिन आते-आते ये फिल्म कमाई के मामले में कमाल करती दिख रही है।

फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर सुपरस्टार यश की ‘टॉक्सिक’ को भी टक्कर देती नजर आ रही है। नीम करोली बाबा की जिंदगी की कहानी बयां करती ये फिल्म सिनेमाघरों में चमत्कार करती दिख रही है। रिलीज के चौथे हफ्ते में इस फिल्म ने अचानक ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि डेली कलेक्शन के मामले में यश की ‘टॉक्सिक’ को पीछे छोड़ दिया है।

5 घंटे के ऑडिशन ने बदल दी जिंदगी

शूटिंग का काम प्रभावित न हो, इसके लिए निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने शोभिनव सत्य का करीब 5 घंटे तक लंबा ऑडिशन और टेस्ट लिया। शोभिनव ने स्वीकार किया कि उस वक्त वे काफी असहज और चिंतित थे। उनके दिमाग में तरह-तरह के सवाल उठ रहे थे।

वे सोच रहे थे कि अगर दर्शकों ने उन्हें इस पावन किरदार में स्वीकार नहीं किया तो क्या होगा? क्या लोग यह कहेंगे कि मेकर्स ने किसे बाबा का रूप दे दिया है?

जब शोभिनव इस मानसिक कशमकश से जूझ रहे थे, तब निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उन्हें संभाला। निर्देशक ने उनसे साफ कहा कि फिल्म का परिणाम क्या होगा, यह सोचना उनकी नहीं बल्कि निर्देशक की जिम्मेदारी है।

‘ईश्वरीय कृपा ने लिखा मेरे जीवन का यह अध्याय’

शोभिनव सत्य ने अपनी इस अचानक हुई कास्टिंग को पूरी तरह से एक आध्यात्मिक अनुभव और चमत्कार के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि जब कोई दिव्य शक्ति आपके लिए कहानी लिख रही होती है तो आपको अपने दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती। आपको बस खुद को उस शक्ति के चरणों में समर्पित कर देना होता है।

उन्होंने कहा, ‘बाबा जी, यह सब आपने ही किया है और जो भी होगा वह सही होगा।’ शोभिनव का मानना है कि इस भूमिका के लिए उनकी तैयारी सालों पहले ही शुरू हो गई थी, जिसके बारे में वे खुद अनजान थे।

2009 से नीम करौली बाबा के भक्त हैं शोभिनव

शोभिनव सत्या असल जिंदगी में साल 2009 से नीम करौली बाबा के परम भक्त हैं और काफी समय से एक अनुशासित आध्यात्मिक जीवन जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2018 में उन्होंने भगवान हनुमान के लिए मंगलवार का व्रत रखना शुरू किया था और पूर्ण रूप से शाकाहारी जीवनशैली अपना ली थी।

इसलिए जब उन्हें यह किरदार मिला तो उन्हें लगा कि महाराज जी खुद उन्हें सालों से इस खास भूमिका के लिए तैयार कर रहे थे। किरदार को जीवंत बनाने के लिए उन्होंने निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के वर्षों के शोध का सहारा लिया। निर्देशक ने उन्हें अपनी स्वाभाविक चाल-ढाल, बोलने और हंसने के अंदाज को बनाए रखने की सलाह दी।

चेहरे की समानता बनी कास्टिंग की मुख्य वजह

फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी स्वीकार किया कि जब उन्होंने टेस्ट के दौरान शोभिनव की तस्वीरें लीं तो वे शोभिनव और नीम करौली बाबा के चेहरे के बीच की समानता को देखकर हैरान रह गए। चेहरे के फीचर्स उन प्रमुख कारणों में से एक थे, जिसने मेकर्स को शोभिनव पर दांव लगाने का भरोसा दिया।

दर्शकों ने भी फिल्म देखने के बाद शोभिनव के अभिनय और उनके चेहरे के भावों की जमकर तारीफ की है। 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘हनुमान अंश’ आज भी दर्शकों का दिल जीत रही है।

लोक भजन बना Hanuman Ansh की शान, नेत्रहीन गायक के गीत ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम

सोशल मीडिया पर छाया हनुमान अंश का गाना और बुंदेलखंड के इस लोक गायक द्वारा गाया गया भजन अब फिल्म की लोकप्रियता में अहम भूमिका निभा रहा है।

फिल्म का भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इस गीत को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

“मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ यह सिर्फ एक भजन नहीं, मेरी खुद की जिंदगी की कहानी है।”

सुनील सिंह लोधी

Hanuman Ansh का मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान भजन

सागर: जिसकी आंखों ने कभी सूरज की रोशनी नहीं देखी, बुंदेलखंड के उस 25 वर्षीय ‘सूरदास’ सुनील लोधी की आवाज आज पूरे देश में गूंज रही है। रास्ता भटकने पर भंवरे की गूंज से घर पहुंचने वाले सुनील का भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ अब बॉलीवुड फिल्म ‘हनुमान अंश’ का मुख्य गीत बन चुका है, जिस पर इंस्टाग्राम पर लाखों रील्स बन रही हैं।

मध्यप्रदेश के सागर के छोटे से गांव अगरा के सुनील लोधी की जिंदगी सिर्फ सुरों की नहीं, बल्कि चमत्कारिक विश्वास की मिसाल है। सुनील बताते हैं कि एक बार वे गांव के नाले के पास रास्ता भटक गए थे। जब उन्होंने हारकर ईश्वर से शिकायत की, तभी एक भंवरा उनके कान के पास मंडराने लगा।

सुनील ने भंवरे की आवाज की दिशा पकड़ी और सही-सलामत घर पहुंच गए। इसी अटूट भक्ति ने उनके भजनों में वह रूहानियत भरी, जिसने आज करोड़ों दिलों को छू लिया है।

चौपाल पर गायकी और तंबूरा लेकर मुंबई के स्टूडियो तक का सफर

सुनील के पास न तो अपनी आंखों की रोशनी थी और न ही बड़े संगीत घराने का सहारा। परिवार 2 एकड़ जमीन और मवेशियों के भरोसे चलता है। स्कूल में तंबूरा बजाकर गाने वाले सुनील की किस्मत 2019 में बदली, जब ‘बुंदेली दुनिया’ के रोहित साहू, जिन्हें सुनील मामा कहते हैं, ने उनके हुनर को सोशल मीडिया पर उतारा।

‘दूल्हा बनकर आ गव ठेला’ से शुरू हुआ सफर ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ पर पहुंचा और इंदौर के स्टूडियो में रिकॉर्ड होते ही 2.8 करोड़ लोगों तक जा पहुंचा।

आधी रात का वो कॉल और वर्सोवा बीच का टर्निंग पॉइंट

मुंबई के साईं बाबा स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के बाद सुनील और रोहित वर्सोवा बीच घूमने गए। रोहित ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट की, जिसे देखते ही ‘नीम करोली बाबा’ पर बन रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने तुरंत मैसेज किया।

महज 2 किलोमीटर दूर होटल में ठहरे सुनील आधी रात को स्टूडियो पहुंचे। जब उन्होंने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई…’ गाया, तो पूरी टीम भावुक हो गई और गाना तुरंत फिल्म के लिए लॉक कर दिया गया।

अब जुबिन नौटियाल से जुगलबंदी और जीवनसंगिनी की तलाश

गांव की चौपाल से निकलकर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर बने सुनील का सबसे बड़ा सपना गायक जुबिन नौटियाल के साथ डुएट गाना है। वहीं जीवनसाथी के सवाल पर सुनील बेबाकी से कहते हैं, ‘मुझे ऐसी जीवनसंगिनी चाहिए जो मेरी आंखों की कमी को नहीं, बल्कि मेरे हुनर और मेरे दिल को समझे।’

स्कूल में गाते थे भजन, गांव में बनने लगी पहचान

सुनील को बचपन से ही भजन गाने का शौक था। स्कूल में शिक्षक उनसे अक्सर भजन सुनाने के लिए कहते थे। वह गाते और लोग मोबाइल में उनकी आवाज रिकॉर्ड कर लेते। धीरे-धीरे गांव के धार्मिक आयोजनों में भी उन्हें बुलाया जाने लगा।

उन्होंने तंबूरा बजाना सीखा और भजन गायन उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया। तब शायद सुनील ने भी नहीं सोचा होगा कि गांव की चौपालों में गूंजने वाली उनकी यही आवाज एक दिन मुंबई के स्टूडियो और फिल्मी दुनिया तक पहुंचेगी।

अभी तो करियर की शुरुआत, आवाज दूर तक जाने वाली है

सुनील का अपने अगरा गांव से शुरू हुआ सफर अब मुंबई और फिल्म ‘हनुमान अंश’ तक पहुंच चुका है। और शायद यह मंजिल नहीं, बल्कि सुनील की उस यात्रा की शुरुआत है जिसमें उनकी आवाज अभी और दूर तक जाने वाली है।

हनुमान अंश के अभी 2 पार्ट और आएंगे, उसमें भी उन्हें भजन गाने का वायदा किया गया है। कई और जगह से ऑफर मिलने की बात भी सामने आई है।

शुरुआत धीमी रही, लेकिन दर्शकों ने बदल दिया पूरा खेल

‘हनुमान अंश’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले सप्ताह में फिल्म को सीमित दर्शक मिले और इसकी कमाई भी काफी कम रही। कई लोगों को लगा कि फिल्म कुछ ही दिनों में सिनेमाघरों से बाहर हो जाएगी। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म देखने वाले दर्शकों ने इसकी कहानी और कलाकारों के अभिनय की तारीफ करनी शुरू की, इसका असर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिखाई देने लगा।

सोशल मीडिया और लोगों की बातचीत के जरिए फिल्म को धीरे-धीरे ज्यादा दर्शक मिलने लगे। यही वजह रही कि तीसरे सप्ताह में फिल्म की कमाई में अचानक तेजी आई और इसके कलेक्शन ने ट्रेड एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

वर्ड ऑफ माउथ ने बनाया फिल्म को मजबूत

किसी भी फिल्म के लिए दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है और ‘हनुमान अंश’ के मामले में भी ऐसा ही देखने को मिला। शुरुआती दिनों में धीमी कमाई के बाद जिन दर्शकों ने फिल्म देखी, उन्होंने इसके बारे में अपने स्तर पर लोगों को बताया। धीरे-धीरे फिल्म को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिलने लगा।

यही कारण है कि फिल्म ने वीकेंड के साथ-साथ वीकडे पर भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना शुरू कर दिया। कम बजट की इस फिल्म के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ और इसकी कमाई लगातार बढ़ती चली गई।

नीम करौली बाबा की कहानी ने खींचा दर्शकों का ध्यान

‘हनुमान अंश’ की कहानी आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी बताई जाती है। फिल्म में उनके व्यक्तित्व, भक्ति और भगवान हनुमान के प्रति आस्था को केंद्र में रखा गया है। यही आध्यात्मिक विषय फिल्म को सामान्य फिल्मों से अलग बनाता है।

फिल्म देखने वाले दर्शकों के लिए यह सिर्फ एक सिनेमाई अनुभव नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म से जुड़ा विषय भी बन गया है। इसी वजह से धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि रखने वाले दर्शकों के बीच फिल्म को खास प्रतिक्रिया मिलती दिखाई दे रही है।

शोभिनव सत्य के अभिनय की हो रही तारीफ

फिल्म में नीम करौली बाबा का किरदार निभाने वाले शोभिनव सत्य के लिए यह भूमिका बेहद चुनौतीपूर्ण थी। किसी आध्यात्मिक गुरु का किरदार पर्दे पर निभाना आसान नहीं होता, क्योंकि दर्शक उस किरदार से भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से जुड़े होते हैं। शोभिनव ने इस भूमिका को स्वाभाविक तरीके से निभाने की कोशिश की।

उनके चेहरे के भाव, बोलने का अंदाज और चाल-ढाल को लेकर मेकर्स ने काफी तैयारी की। फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में भी उनके अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस की चर्चा देखने को मिली।

‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ क्यों हुआ वायरल?

फिल्म के भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ ने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाने का काम किया। सुनील सिंह लोधी की आवाज में गाया गया यह भजन अपनी सादगी और भावनात्मक जुड़ाव के कारण लोगों को पसंद आ रहा है।

भजन में हनुमान जी के प्रति समर्पण और विश्वास की भावना दिखाई देती है, जिससे यह गीत फिल्म की कहानी के साथ भी अच्छी तरह जुड़ता है। सोशल मीडिया पर इस भजन के ऑडियो और वीडियो का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग कर रहे हैं। खासकर Instagram Reels और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर भजन के वायरल होने से फिल्म को भी अतिरिक्त चर्चा मिली है।

सुनील लोधी की आवाज बनी फिल्म की पहचान

‘हनुमान अंश’ के साथ सुनील लोधी की कहानी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। एक छोटे से गांव से निकलकर मुंबई के स्टूडियो तक पहुंचने का उनका सफर प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने संगीत को अपना साथी बनाया और भजन गायन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।

उनकी आवाज में लोक संगीत और भक्ति का अनोखा मेल सुनाई देता है। यही वजह है कि फिल्म के भजन ने दर्शकों के बीच अलग जगह बनाई और सुनील के लिए फिल्मी दुनिया में नए अवसरों के दरवाजे भी खुलते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया ने गांव के कलाकार को दिलाई नई पहचान

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया छोटे शहरों और गांवों के कलाकारों के लिए बड़ा मंच बन चुका है। सुनील लोधी की कहानी इसका एक उदाहरण है। उनके भजनों की रिकॉर्डिंग और वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंची तो उनकी आवाज गांव की सीमाओं से निकलकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच गई।

अगर सोशल मीडिया का यह प्लेटफॉर्म नहीं होता तो शायद उनकी प्रतिभा को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने में काफी ज्यादा समय लगता। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उनकी आवाज को सीधे उन लोगों तक पहुंचाया, जो उनकी प्रतिभा को पहचान सके।

कम बजट की फिल्म ने बड़े सवाल खड़े किए

‘हनुमान अंश’ की कमाई ने यह भी दिखाया है कि बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ बड़ा बजट और बड़े स्टार ही सफलता की गारंटी नहीं होते। सही कहानी, दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ किसी छोटे बजट की फिल्म की किस्मत भी बदल सकता है।

फिल्म का शुरुआती प्रदर्शन भले ही कमजोर रहा हो, लेकिन बाद में जिस तरह इसके कलेक्शन में तेजी आई, वह इसे एक दिलचस्प बॉक्स ऑफिस केस स्टडी बनाती है। अगर फिल्म की कमाई इसी तरह जारी रहती है तो इसका अंतिम कलेक्शन शुरुआती अनुमानों से काफी ज्यादा हो सकता है।

हनुमान अंश के आगे भी जारी रहेगी कहानी

फिल्म से जुड़े लोगों की ओर से संकेत मिले हैं कि ‘हनुमान अंश’ की कहानी को आगे भी जारी रखा जाएगा। फिल्म के आने वाले हिस्सों में आध्यात्मिक यात्रा और नीम करौली बाबा से जुड़े अन्य पहलुओं को दिखाया जा सकता है। इससे दर्शकों में अगले पार्ट को लेकर भी उत्सुकता बढ़ सकती है।

अगर आने वाले हिस्सों में भी कहानी और संगीत का स्तर दर्शकों को पसंद आता है, तो यह फिल्म एक बड़ी फ्रेंचाइजी के रूप में अपनी पहचान बना सकती है। खासकर सुनील लोधी जैसे कलाकारों की आवाज इसके आने वाले हिस्सों में भी दर्शकों को जोड़ने का काम कर सकती है।

दर्शकों के लिए क्यों खास है हनुमान अंश?

‘हनुमान अंश’ को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात इसका आध्यात्मिक विषय है। फिल्म में आस्था, भक्ति, संघर्ष और विश्वास जैसे विषयों को कहानी के साथ जोड़ा गया है। यही भाव दर्शकों को फिल्म से जोड़ने में मदद कर रहे हैं।

इसके अलावा फिल्म से जुड़ी शोभिनव सत्य और सुनील लोधी की व्यक्तिगत कहानियां भी दर्शकों के बीच चर्चा का कारण बनी हैं। एक तरफ अभिनेता ने चुनौतीपूर्ण आध्यात्मिक किरदार को निभाया, वहीं दूसरी तरफ गांव के लोक गायक की आवाज ने फिल्म के भजन को नई पहचान दी।

क्या हनुमान अंश बनेगी साल की स्लीपर हिट?

शुरुआती धीमी कमाई के बाद जिस तरह ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर वापसी की है, उसे देखते हुए इसे स्लीपर हिट कहना गलत नहीं होगा। हालांकि फिल्म की अंतिम सफलता उसके पूरे रन और अंतिम कलेक्शन पर निर्भर करेगी, लेकिन अब तक का सफर निश्चित रूप से फिल्म के लिए शानदार रहा है।

फिल्म ने यह साबित किया है कि अगर दर्शकों को कहानी और भावनाओं से जुड़ने का मौका मिले तो कम बजट की फिल्म भी लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिक सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर कितनी और बड़ी छलांग लगाती है।

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